केंद्रीय वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश किया। बजट 2026 में टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर किए गए अहम ऐलानों का सीधा असर शेयर बाजार पर दिखा। बजट के बाद टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में तेज़ी दर्ज की गई और निवेशकों में उत्साह देखने को मिला।
मेगा टेक्सटाइल पार्कों के निर्माण के ऐलान से KPR Mill के शेयर करीब 3.5% चढ़ गए। वहीं Vardhman Textiles के शेयरों में 2.2% की तेजी आई। इसके अलावा Welspun Living, Page Industries और Arvind के शेयर 1 से 3% तक उछल गए।
किन ऐलानों से आई तेजी?
वित्त मंत्री ने ‘चैलेंज मोड’ के तहत मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की है, जिनका मुख्य फोकस टेक्निकल टेक्सटाइल्स पर रहेगा। इसका उद्देश्य वैल्यू चेन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाते हुए एक बड़ा और इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार करना है।
इसके साथ ही लेबर-इंटेंसिव टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती देने के लिए:
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टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम
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नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम
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टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम को मजबूत करने हेतु नई योजना
का ऐलान किया गया है।
सरकार ने नेशनल फाइबर स्कीम के साथ मशीनरी के लिए कैपिटल सपोर्ट देने की योजना का भी उल्लेख किया है, जिससे उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार होने की उम्मीद है।
निर्यात को मिलेगा बढ़ावा
ये घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं जब भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल एक्सपोर्टर्स अपनी वैश्विक रणनीतियों को दोबारा तैयार कर रहे हैं। हाल ही में European Union और United Kingdom के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स से भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों को बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलने की संभावना है। इससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।
पिछले बजट में क्या हुआ था?
पिछले बजट में वित्त मंत्री ने किसानों के स्तर से ही टेक्सटाइल वैल्यू चेन को मजबूत करने पर जोर दिया था। कपास उत्पादकता बढ़ाने, टिकाऊ खेती को प्रोत्साहन देने और लंबी रेशों वाली कपास किस्मों को बढ़ावा देने के लिए पांच साल के मिशन की घोषणा की गई थी। यह कदम कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक पूरे सेक्टर को दीर्घकालिक समर्थन देने की सरकार की रणनीति को दर्शाता है।
बजट 2026 के ऐलानों से टेक्सटाइल सेक्टर में नई ऊर्जा आई है। मेगा टेक्सटाइल पार्क, स्किलिंग योजनाएं और निर्यात को बढ़ावा देने वाली नीतियां इस सेक्टर को आने वाले वर्षों में तेज़ विकास की राह पर ले जा सकती हैं। इसका असर शेयर बाजार में दिखना शुरू हो गया है और निवेशकों की नजर अब इस सेक्टर की आगे की प्रगति पर टिकी है।