नई दिल्ली:
गैप-डाउन ओपनिंग के बाद उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच शेयर बाजार में रिकवरी की कोशिश देखने को मिली। निफ्टी निचले स्तरों से करीब 100 अंकों की रिकवरी कर 25300 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। वहीं बैंक निफ्टी भी निचले स्तरों से करीब 300 अंक सुधरा।
बाजार को मजबूती FMCG और फार्मा जैसे डिफेंसिव सेक्टर्स से मिली। ITC, HUL और नेस्ले जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। स्मॉलकैप इंडेक्स भी हरे निशान में लौट आया।
हालांकि, मेटल और IT सेक्टर में आज भारी मुनाफावसूली देखने को मिली।
मेटल और IT शेयरों में दबाव
निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 4 फीसदी टूट गया।
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हिंडाल्को
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टाटा स्टील
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JSW स्टील
निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे। वहीं नाल्को 8 फीसदी से ज्यादा टूटकर वायदा बाजार का टॉप लूजर बना।
आईटी सेक्टर भी करीब 1.5 फीसदी कमजोर रहा। इसके विपरीत FMCG और फार्मा शेयरों में खरीदारी का रुझान बना रहा।
इंडिया VIX में भी करीब 3 फीसदी की तेजी दर्ज की गई, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत देता है।
निफ्टी पर ट्रेडिंग रणनीति
सीएनबीसी-आवाज़ के मार्केट एक्सपर्ट वीरेंद्र कुमार के अनुसार, निफ्टी के लिए अहम स्तर इस प्रकार हैं:
रेजिस्टेंस (ऊपरी स्तर):
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पहला रेजिस्टेंस: 25481–25509
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बड़ा रेजिस्टेंस: 25568–25589 / 25617
सपोर्ट (निचले स्तर):
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पहला बेस: 25271–25321
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बड़ा बेस: 25157–25223
उन्होंने बताया कि निफ्टी ने 10-DEMA के ऊपर क्लोजिंग दी है, जो 6 जनवरी के बाद पहली बार हुआ है।
25200 और 25157 (200-DEMA) के ऊपर बने रहने पर बाजार में लॉन्ग पोजिशन बनाए रखना बेहतर रहेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, डे-ट्रेडर्स को 25300–25200 के जोन में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। अगर निफ्टी 25509 के ऊपर टिकता है तो अगला लक्ष्य 25568–25617 हो सकता है। वहीं 25223 के नीचे क्लोजिंग बाजार के लिए कमजोरी का संकेत दे सकती है।
बैंक निफ्टी पर रणनीति
वीरेंद्र कुमार के मुताबिक बैंक निफ्टी के लिए अहम स्तर:
रेजिस्टेंस:
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पहला: 60070–60241
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बड़ा: 60318–60468 / 60545
सपोर्ट:
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पहला बेस: 59581–59711
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बड़ा बेस: 59378–59421
उन्होंने कहा कि 60000 के स्तर पर कॉल राइटिंग अधिक है, जबकि 60000 पुट पर मजबूत ओपन इंटरेस्ट दिख रहा है।
59700 के आसपास गिरावट में खरीदारी बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड दे सकती है। 60070 के ऊपर निकलने पर बैंक निफ्टी 60241–60468 की ओर बढ़ सकता है।
वायदा बाजार से संकेत
वायदा बाजार में शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी से रिकवरी देखने को मिली है।
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मेटल शेयरों में अभी भी मजबूत लॉन्ग पोजिशन
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न्यू-एज शेयरों में शॉर्ट कवरिंग
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इंफ्रा सेक्टर पर प्री-बजट फोकस
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पावर, कैपिटल गुड्स और कोल शेयरों में लॉन्ग/शॉर्ट कवरिंग
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ऑटो सेक्टर में इंडिया–EU डील के बाद दबाव बना हुआ
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बैंकिंग सेक्टर में सुधार, प्राइवेट बैंक शेयरों में शॉर्ट कवरिंग और नई खरीदारी
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कुछ मिड-साइज PSU बैंकों में शॉर्ट पोजिशन बनी हुई है
बाजार पर आगे क्या असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-बजट सेंटिमेंट और वैश्विक संकेतों के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निफ्टी के लिए 25200–25150 का स्तर बेहद अहम रहेगा। इसके ऊपर टिके रहने पर रिकवरी जारी रह सकती है, जबकि इसके नीचे कमजोरी गहराने की आशंका है।