महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भविष्य को लेकर अनिश्चितता और गहरा गई है। अजित पवार के निधन के बाद पहली बार पार्टी प्रमुख शरद पवार ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है।
शनिवार को बारामती में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शरद पवार ने खुलासा किया कि NCP के दोनों गुटों के विलय की तैयारी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। उन्होंने बताया कि विलय के लिए 12 फरवरी 2026 की तारीख लगभग तय हो गई थी।
शरद पवार के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में उनके गुट से जयंत पाटिल और अजित पवार के बीच सीधे तौर पर बातचीत चल रही थी। दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने की स्थिति भी बन चुकी थी, लेकिन अजित पवार के निधन के बाद अब इस योजना पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि अजित पवार के जाने से पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। उनके खेमे के कई नेता अब विलय को लेकर पहले जैसा उत्साह नहीं दिखा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार को जल्दबाजी में उपमुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला पार्टी को टूटने से बचाने की रणनीति का हिस्सा है। पार्टी नेतृत्व को आशंका है कि यदि एक मजबूत ‘पावर सेंटर’ नहीं बनाया गया, तो कई विधायक फिर से शरद पवार गुट की ओर रुख कर सकते हैं।
फिलहाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर भविष्य की दिशा को लेकर गहन मंथन जारी है। यह देखना अहम होगा कि दोनों गुटों के बीच विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ती है या पार्टी एक बार फिर अंदरूनी खींचतान की चपेट में आती है।