मथुरा जिले के छाता क्षेत्र में गो-रक्षक “फरसे वाले बाबा” उर्फ चंद्रशेखर की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घटना के विरोध में गुस्साए लोगों ने दिल्ली हाईवे जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर करीब 5-5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस दौरान कई वाहन चालक जाम से निकलने के लिए गलत दिशा में गाड़ियां निकालते दिखे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर ने कोसी के कोटवन क्षेत्र के पास एक संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों, जिसमें डीआईजी भी शामिल थे, ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने उनकी बात नहीं मानी। स्थिति जल्द ही हिंसक हो गई और प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हालात काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने और रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। उग्र भीड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियों को भी निशाना बनाया। एसपीआरए, सीओ छाता, गोविंद नगर, शेरगढ़ और एसडीएम सहित कई अधिकारियों की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई।
पथराव और पुलिस कार्रवाई के बीच हाईवे पर भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
वहीं, मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि घटना के समय घना कोहरा था। चंद्रशेखर द्वारा रोके गए वाहन में किराने का सामान पाया गया, जबकि पीछे से आए राजस्थान नंबर के ट्रक में तार लदे हुए थे। पुलिस ने फिलहाल गो-तस्करी की आशंका से इनकार किया है और मामले की जांच जारी है।