शेयर बाजार में मजबूती की वापसी के लिए निफ्टी का 25,600–25,650 के ऊपर बंद होना बेहद जरूरी है। इंडेक्स इस अहम रेंज के ऊपर क्लोज नहीं करता, तब तक बाजार में ठोस भरोसा बनना मुश्किल रहेगा। फिलहाल निफ्टी 25,300 और 25,650 के बीच के नो-ट्रेड जोन में फंसा हुआ है और पूरी लड़ाई इसी 350 अंकों की रेंज में है।
आज के बाजार के प्रमुख संकेत
आज सेंसेक्स और बैंकएक्स की मंथली एक्सपायरी है, ऐसे में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। FIIs और DIIs की कैश मार्केट में मजबूत खरीदारी से सेंटिमेंट सुधरने के संकेत हैं। डॉलर इंडेक्स 97.5 के करीब आने से ग्लोबल रिस्क-ऑन का माहौल बना है। नैस्डैक में लगातार दूसरे दिन रिकवरी और बिटकॉइन का 70,000 डॉलर की ओर बढ़ना भी सकारात्मक संकेत दे रहा है।
Nvidia के नतीजों का असर
Nvidia के शानदार नतीजों ने ग्लोबल टेक स्पेस में नई ऊर्जा भरी है। कंपनी की चौथी तिमाही की आय 73% बढ़कर 68.13 बिलियन डॉलर रही और EPS अनुमान से बेहतर 1.62 डॉलर रहा। अगले क्वार्टर के लिए भी आय का गाइडेंस मजबूत है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि विदेशी निवेशक कम ग्रोथ वाली भारतीय IT कंपनियों में क्यों निवेश करें।
IT सेक्टर पर सतर्क रहने की सलाह
अनुज सिंघल का मानना है कि भारतीय IT सेक्टर के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है। उनका कहना है कि इस समय IT शेयरों में हर उछाल पर फंसी हुई पोजिशन से निकलना बेहतर रणनीति हो सकती है। बास्केट अप्रोच से बचने और चुनिंदा मजबूत कंपनियों पर ही नजर रखने की सलाह दी गई है।
बाजार में कहां हैं मौके?
हालांकि निफ्टी लाइफ हाई के करीब है, लेकिन व्यापक बाजार में बड़ी करेक्शन देखने को मिली है। मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में भारी गिरावट के कारण टाइम करेक्शन हो चुका है। ऐसे में रणनीति साफ है—
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52 हफ्ते के हाई के पास ट्रेड कर रहे मजबूत शेयरों पर फोकस करें
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52 हफ्ते के लो पर मौजूद शेयरों से दूरी बनाए रखें
कुल मिलाकर बाजार में निर्णायक ट्रेंड के लिए निफ्टी का 25,650 के ऊपर क्लोज करना जरूरी है, जबकि 25,300 के नीचे टूटने पर दबाव बढ़ सकता है। निवेशकों के लिए फिलहाल चुनिंदा और मजबूत स्टॉक्स में ही पोजिशन बनाना बेहतर माना जा रहा है।