भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। Nitin Nabin को औपचारिक रूप से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh की मौजूदगी में नितिन नबीन ने पार्टी की कमान संभाली।
45 वर्षीय नितिन नबीन बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं और अब तक इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेता हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि भाजपा में एक नए ‘नबीन’ युग की शुरुआत हो रही है।
निर्विरोध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से हुआ चयन
नितिन नबीन का चयन पूरी तरह निर्विरोध और पार्टी की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत हुआ। उनके समर्थन में नामांकन के कुल 37 सेट दाखिल किए गए। खास बात यह रही कि पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह स्वयं उनके प्रस्तावकों में शामिल थे।
भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले कम से कम 50% राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों का चुनाव अनिवार्य होता है। 36 में से 30 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होने के बाद 16 जनवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की गई थी। इससे पहले नितिन नबीन पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे।
बिहार से राष्ट्रीय राजनीति तक का सफर
नितिन नबीन का राजनीतिक सफर बिहार की राजनीति से शुरू होकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता और चार बार विधायक रहे दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। वर्ष 2006 में पिता के निधन के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
वे पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार चुनाव जीत चुके हैं। बिहार सरकार में उन्होंने सड़क निर्माण, शहरी विकास तथा विधि एवं न्याय जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और कई राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं।
‘नबीन’ युग के सियासी मायने
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, नितिन नबीन की नियुक्ति भाजपा की उस रणनीति को दर्शाती है, जिसमें युवा लेकिन अनुभवी नेतृत्व को आगे बढ़ाया जा रहा है। 2026 और आगे आने वाले चुनावों को देखते हुए, पार्टी की कमान एक युवा चेहरे को सौंपकर नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को नई ऊर्जा, बदलाव और निरंतरता का संदेश दिया है।