भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला मंगलवार, 20 जनवरी को भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 400 अंकों तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 25,500 के अहम स्तर के नीचे फिसल गया।
सुबह करीब 11:30 बजे, बीएसई सेंसेक्स 351.97 अंक यानी 0.42% गिरकर 82,894.21 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 125.85 अंक या 0.49% टूटकर 25,459.65 पर आ गया। ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव दिखा और बीएसई मिडकैप व स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1.2% तक गिर गए। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
बाजार में गिरावट की 8 बड़ी वजहें
1. ग्लोबल ट्रेड वॉर की आशंका
अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से वैश्विक बाजारों में जोखिम लेने की धारणा कमजोर हुई है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स में तेजी और अमेरिका-यूरोप के बीच संभावित व्यापार तनाव ने ग्लोबल बिकवाली को बढ़ावा दिया, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
2. FII की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को भारतीय बाजार से 3,262 करोड़ रुपये निकाले। जनवरी में अब तक कुल निकासी करीब 29,315 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
3. Q3 के मिले-जुले नतीजे
तीसरी तिमाही के नतीजों से बाजार को कोई ठोस दिशा नहीं मिल पाई। आईटी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा। खासतौर पर Wipro के कमजोर आउटलुक के बाद आईटी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.1% टूट गया।
4. कमजोर वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। जापान का निक्केई, शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट में रहे, जबकि कोरिया का कोस्पी सीमित बढ़त के साथ बंद हुआ। अमेरिकी बाजार सोमवार को अवकाश के कारण बंद रहे, लेकिन वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स 1% से ज्यादा टूटते दिखे।
5. रुपये में कमजोरी
मंगलवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.98 पर पहुंच गया। आयातकों की डॉलर मांग और विदेशी पूंजी की निकासी से घरेलू मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।
6. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अनिश्चितता
निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फैसले को लेकर अनिश्चितता ने बाजार की अस्थिरता बढ़ा दी है।
7. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.11% बढ़कर 64.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई और राजकोषीय घाटे को लेकर चिंताएं बढ़ाती हैं।
8. निफ्टी की वीकली एक्सपायरी
मंगलवार को निफ्टी के फ्यूचर्स और ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स की साप्ताहिक एक्सपायरी थी। ऐसे मौकों पर पोजीशन अनवाइंडिंग और रोलओवर के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता, कमजोर तिमाही नतीजे और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया, जिससे शेयर बाजारों में दबाव बना रहा।