उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बुधवार को भारतीय वायुसेना का एक ट्रेनी विमान हादसे का शिकार हो गया। तकनीकी खराबी के चलते विमान का इंजन फेल हो गया, जिसके बाद वह शहर के सीएमपी/केपी कॉलेज के पास एक तालाब में गिर गया। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार दोनों पायलट सुरक्षित बचा लिए गए और एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह एमएल-114 श्रेणी का ट्रेनी विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। अचानक इंजन बंद होने के बाद पायलटों ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान का पैराशूट सिस्टम सक्रिय कर दिया। इसके चलते विमान की रफ्तार कम हो गई और वह रिहाइशी इलाके से दूर तालाब में जा गिरा।
जलकुंभी बनी सुरक्षा कवच
तालाब में जलकुंभी की अधिकता होने के कारण विमान पूरी तरह डूबा नहीं। इसी वजह से पायलटों को बाहर निकलने में मदद मिली और विमान को भी ज्यादा नुकसान होने की आशंका कम जताई जा रही है। पैराशूट खुलने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
विमान के तालाब में गिरते ही दोनों पायलटों ने मदद के लिए हाथ हिलाए। रेलवे लाइन की ओर से पहुंचे कुछ स्थानीय लोगों ने तालाब में उतरकर पायलटों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दोनों पायलटों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
राहत-बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ की टीम और वायुसेना का दल मौके पर पहुंच गया। राहत और बचाव कार्य के लिए वायुसेना का हेलीकॉप्टर भी बुलाया गया। फिलहाल विमान को तालाब से बाहर निकालने की प्रक्रिया जारी है और पूरे इलाके को सुरक्षा के लिहाज से घेर लिया गया है।
बड़ा हादसा टला
विमान के रिहाइशी इलाके से दूर तालाब में गिरने से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। गौरतलब है कि इन दिनों प्रयागराज में माघ मेला भी चल रहा है। यदि विमान आबादी वाले क्षेत्र में गिरता, तो स्थिति कहीं ज्यादा गंभीर हो सकती थी।
प्रशासन और वायुसेना की ओर से हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।