भारतीय शेयर बाजारों में बुधवार, 21 जनवरी को लगातार तीसरे दिन तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 25,000 का अहम स्तर तोड़कर नीचे आ गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेत और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने बाजार के सेंटीमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया।
सुबह करीब 10:50 बजे BSE सेंसेक्स 945.14 अंक यानी 1.15% की गिरावट के साथ 81,235.33 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं NSE निफ्टी 285.40 अंक या 1.13% टूटकर 24,947.10 पर आ गया।
बाजार में गिरावट चौतरफा रही। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 1.5% से ज्यादा फिसल गए। इससे पहले मंगलवार को बाजार में पिछले आठ महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की गई थी।
आज की गिरावट के पीछे 6 बड़े कारण
1. रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर
रुपये की कमजोरी ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 31 पैसे टूटकर 91.28 के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। डॉलर की मजबूत मांग, विदेशी पूंजी की निकासी और भू-राजनीतिक तनावों ने रुपये को कमजोर किया।
2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार शेयर बेच रहे हैं। मंगलवार को एफआईआई ने करीब ₹2,938 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। जनवरी में अब तक वे लगभग ₹32,253 करोड़ की निकासी कर चुके हैं, जिससे बाजार पर भारी दबाव बना हुआ है।
3. तिमाही नतीजों से निराशा
दिसंबर तिमाही (Q3) के नतीजे बाजार को कोई ठोस दिशा नहीं दे पाए। आईटी सेक्टर दबाव में रहा और कई बड़े प्राइवेट बैंकों के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। कमजोर नतीजों के चलते कुछ शेयरों में 10% तक की गिरावट देखी गई।
4. कमजोर वैश्विक संकेत
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी जोरदार बिकवाली रही, जिससे वैश्विक निवेशकों का रुझान जोखिम से दूर बना।
5. इंडिया VIX में उछाल
बाजार की अस्थिरता का पैमाना माना जाने वाला इंडिया VIX करीब 4% चढ़कर 13.22 पर पहुंच गया। VIX में तेजी आमतौर पर बढ़ती घबराहट और आगे और उतार-चढ़ाव की आशंका को दर्शाती है।
6. भू-राजनीतिक तनाव
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच संभावित ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने “रिस्क-ऑफ” माहौल बना दिया है, जिससे निवेशक सुरक्षित एसेट्स की ओर रुख कर रहे हैं।
आगे बाजार का रुख क्या रहेगा?
टेक्निकल चार्ट्स के मुताबिक, निफ्टी में फिलहाल कमजोरी का रुझान बना रह सकता है। बीच-बीच में हल्की रिकवरी संभव है, लेकिन जब तक प्रमुख रेजिस्टेंस लेवल्स के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट नहीं होता, तब तक टिकाऊ तेजी की उम्मीद कम है।