ओंकारेश्वर/खंडवा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को अपने दो दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे के तहत ओंकारेश्वर पहुंचीं। उनके आगमन पर प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान खंडवा विधायक कंचन तनवे अपने अनोखे उपहार को लेकर चर्चा का विषय बन गईं।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए जहां अन्य जनप्रतिनिधि पारंपरिक पुष्पगुच्छ लेकर पहुंचे थे, वहीं विधायक कंचन तनवे पेन, पेंसिल, रबर और अन्य स्टेशनरी सामग्री से तैयार विशेष बुके लेकर पहुंचीं। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस अनूठे उपहार को देखकर उसकी विशेषता जाननी चाही।
विधायक कंचन तनवे ने बताया कि यह बुके पूरी तरह स्टेशनरी सामग्री से तैयार किया गया है और इसका उद्देश्य शिक्षा के महत्व का संदेश देना है। उनकी इस पहल से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रभावित नजर आईं। उन्होंने शिक्षा को बढ़ावा देने वाली इस सोच की सराहना करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा की अलख जगाने वाले प्रयास प्रेरणादायक हैं।
राष्ट्रपति ने करीब एक मिनट तक विधायक से बातचीत की और बुके को ध्यानपूर्वक देखने के बाद उसके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। बाद में उन्होंने वही बुके विधायक को लौटाते हुए कहा, “इसे गरीब बच्चों के बीच वितरित कर दीजिए।” राष्ट्रपति की इस संवेदनशील पहल की उपस्थित लोगों ने भी सराहना की।
24 साल बाद जिले में राष्ट्रपति का आगमन
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार लगभग 24 वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति का खंडवा जिले में आगमन हुआ है। इसी कारण जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। सभी ने अपने-अपने अंदाज में राष्ट्रपति का स्वागत किया।
ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में किया पूजन
ओंकारेश्वर प्रवास के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओंकारेश्वर और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल ममलेश्वर मंदिर में दर्शन एवं विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश से पूर्व उन्होंने नंदी प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ। राष्ट्रपति मुर्मू ने देशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना करते हुए भगवान शिव से प्रार्थना की।