रायसेन (मध्यप्रदेश):
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले के एक गांव में बुधवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आसमान से एक संदिग्ध विदेशी मशीन गिरती दिखाई दी। ग्रामीणों ने इसे किसी अनहोनी की आशंका मानते हुए तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।
यह घटना जिला मुख्यालय से लगभग 80 किलोमीटर दूर बेगमगंज क्षेत्र के ग्राम मरखंडी के एक रिहायशी इलाके में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उस उपकरण को जब्त कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में सामने आया सच
बेगमगंज की अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) सोनल गुप्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कोई विस्फोटक या संदिग्ध उपकरण नहीं है, बल्कि मौसम विज्ञान में इस्तेमाल होने वाला रेडियो-सोंडे (Radiosonde) उपकरण है।
उन्होंने बताया कि इस मशीन पर स्पष्ट रूप से मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग का नाम लिखा हुआ था, जिससे यह पुष्टि हुई कि यह उपकरण मलेशिया मूल का है।
तेज हवाओं से भारत तक पहुंचा उपकरण
पुलिस के अनुसार, ऊपरी वायुमंडल में चलने वाली तेज हवाओं और जेट स्ट्रीम के कारण यह रेडियो-सोंडे हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर भारत पहुंचा और रायसेन जिले में गिर गया।
घटना के बाद कुछ समय के लिए गांव में दहशत का माहौल बन गया। कई ग्रामीण घबराकर अपने घरों से निकलकर खेतों की ओर भाग गए। हालांकि पुलिस के पहुंचने और स्थिति स्पष्ट होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि भविष्य में इस तरह का कोई अज्ञात उपकरण दिखाई दे तो उसे हाथ न लगाएं और तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।
क्या होता है रेडियो-सोंडे?
रेडियो-सोंडे एक महत्वपूर्ण वायुमंडलीय डेटा संग्रह उपकरण है, जिसे हाइड्रोजन से भरे गुब्बारों के जरिए आकाश में भेजा जाता है। यह पृथ्वी की सतह से करीब 15 से 20 किलोमीटर ऊंचाई तक जाकर तापमान, वायुदाब, हवा की दिशा और गति जैसे आंकड़े रिकॉर्ड करता है और रेडियो संकेतों के माध्यम से डेटा भेजता है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे गुब्बारे अक्सर अपने प्रस्थान बिंदु से सैकड़ों किलोमीटर दूर जाकर गिरते हैं और इसमें घबराने की कोई आवश्यकता नहीं होती।
फिलहाल पुलिस ने उपकरण को सुरक्षित कब्जे में लेकर संबंधित विभाग को सूचना दे दी है और पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।