भारत में स्मार्टफोन बाजार की प्रमुख कंपनियों में शामिल Realme में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। Realme India के CEO माइकल गुओ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब Oppo ग्रुप अपने विभिन्न ब्रांड्स के संचालन को एकीकृत करने की दिशा में काम कर रहा है।
कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि माइकल गुओ ने स्वास्थ्य कारणों से भारत में Realme के बिजनेस हेड का पद छोड़ने का फैसला किया है। कंपनी ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि भारत सहित कई बाजारों में ब्रांड की वृद्धि में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
चेस जू संभालेंगे भारत की जिम्मेदारी
Realme ने घोषणा की है कि Realme Global के वाइस प्रेसिडेंट चेस जू अब भारतीय बाजार की जिम्मेदारी संभालेंगे। कंपनी का कहना है कि भारत उसके लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा और वह अपनी दीर्घकालिक विकास रणनीति पर फोकस जारी रखेगी।
Realme की शुरुआती टीम का हिस्सा रहे माइकल गुओ
माइकल गुओ Oppo ग्रुप के वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल रहे हैं और वे Realme के संस्थापक स्काई ली की शुरुआती टीम का हिस्सा थे। उन्होंने लगभग आठ वर्षों तक भारत में Realme के कारोबार को मजबूत करने में भूमिका निभाई। बाद में वे Realme इंडोनेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के CEO भी रहे।
मार्च 2023 में पूर्व CEO माधव सेठ के कंपनी छोड़ने के बाद माइकल गुओ ने Realme India की कमान संभाली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अनौपचारिक रूप से OnePlus India के कुछ संचालन कार्यों की भी निगरानी कर रहे थे।
Oppo, Realme और OnePlus के एकीकरण की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, Oppo ग्रुप अपने विभिन्न स्मार्टफोन ब्रांड्स के संचालन को एकीकृत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस रणनीति के तहत Realme और OnePlus को Oppo इकोसिस्टम के भीतर अधिक निकटता से संचालित किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि भविष्य में Realme एक स्वतंत्र ब्रांड की बजाय Oppo के बड़े प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का हिस्सा बन सकता है। उद्योग सूत्रों का मानना है कि यह बदलाव दिवाली के बाद और स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकता है।
डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भी बदलाव संभव
जानकारी के मुताबिक, Oppo अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में भी बदलाव की योजना बना रहा है। इसके तहत Realme के मौजूदा डिस्ट्रीब्यूटर्स को Oppo नेटवर्क में शामिल होने और दोनों ब्रांड्स के उत्पादों को संभालने का विकल्प दिया जा सकता है।
कर्मचारियों पर पड़ सकता है असर
रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया का असर कर्मचारियों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि जिन विभागों में समान जिम्मेदारियों वाले पद मौजूद हैं, वहां कर्मचारियों की संख्या कम की जा सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से अगले 12 से 15 महीनों तक चल सकती है। हाल ही में Realme के करीब 25 कर्मचारियों के इस्तीफा देने की भी खबरें सामने आई हैं। कंपनी सेल्स, मार्केटिंग, सर्विस और प्रशासनिक विभागों में अपने संसाधनों का पुनर्गठन कर रही है।
भारतीय स्मार्टफोन बाजार पर रहेगा असर
विशेषज्ञों का मानना है कि Oppo, Realme और OnePlus के संभावित एकीकरण से भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा की रणनीतियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनियों की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत घोषणा नहीं की गई है।