भारतीय शेयर बाजारों में पिछले हफ्ते की गिरावट के बाद इस हफ्ते जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। बीते तीन कारोबारी दिनों में सेंसेक्स करीब 2,700 अंक उछल चुका है, जबकि निफ्टी में लगभग 3.5% की बढ़त दर्ज की गई है। इस तेजी के बाद निवेशकों के मन में बड़ा सवाल है—क्या बाजार अब थोड़ी देर के लिए रुकेगा या यह रैली आगे भी जारी रहेगी?
पिछले सप्ताह अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण बाजार दबाव में था, लेकिन इस हफ्ते हालात कुछ बेहतर नजर आए हैं। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है और ऊंची तेल कीमतें महंगाई को प्रभावित कर सकती हैं।
बाजार को सपोर्ट कर रहे ये फैक्टर्स
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी के पीछे कई मजबूत कारण हैं। शेयर बाजार के वैल्यूएशन अब लंबे समय के औसत के करीब आ गए हैं और FY27 में 15–17% अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद बाजार को सहारा दे रही है। इसके अलावा, भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, बढ़ता सरकारी कैपिटल एक्सपेंडिचर, क्रेडिट ग्रोथ और निवेश चक्र में सुधार भी सकारात्मक संकेत दे रहे हैं।
टाटा म्यूचुअल फंड के अनुसार, इस समय लार्ज कैप शेयर बेहतर स्थिति में हैं, क्योंकि उनकी वैल्यूएशन आकर्षक है और कमाई स्थिर बनी हुई है। वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में भी अवसर मौजूद हैं, लेकिन इनमें स्टॉक-विशेष रणनीति अपनाना जरूरी है।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
Axis सिक्योरिटीज के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,000–24,150 का स्तर महत्वपूर्ण रेसिस्टेंस है। हाल ही में इंडेक्स ने “स्पिनिंग टॉप” कैंडल बनाई है, जो बाजार में अनिश्चितता का संकेत देती है। निवेशक फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों का इंतजार कर रहे हैं, जो आगे की दिशा तय कर सकता है।
तकनीकी रूप से 23,000–22,900 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। इन स्तरों के बीच बाजार की चाल तय होगी।
एक्सपर्ट्स की राय
अनुसार, निफ्टी के लिए 23,700 का स्तर महत्वपूर्ण है। इसे पार करने पर 23,990 तक तेजी संभव है। वहीं, अगर कमजोरी आती है तो 23,550 का स्तर बनाए रखना जरूरी होगा, अन्यथा गिरावट 23,300–23,130 तक जा सकती है।
HDFC सिक्योरिटीज का कहना है कि विदेशी निवेशकों द्वारा इंडेक्स फ्यूचर्स में शॉर्ट पोजिशन कवर करने से बाजार को और मजबूती मिल सकती है।
चॉइस इक्विटी के अनुसार, बैंकिंग, फाइनेंशियल और कैपिटल गुड्स सेक्टर फिलहाल मजबूत दिख रहे हैं और निवेशक इन पर ध्यान दे सकते हैं।
आगे क्या?
विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार फिलहाल संवेदनशील मोड़ पर है। अच्छी खबरों पर सीमित तेजी और नकारात्मक खबरों पर गिरावट देखने को मिल सकती है। कच्चे तेल की कीमतें फिलहाल 102 डॉलर के आसपास हैं और 120 डॉलर के पार जाने का खतरा टला है, जो बाजार के लिए राहत की बात है।