Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

उत्तर प्रदेश

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर तीखा हमला, बोले— “मुख्यमंत्री अपने हिंदू होने का प्रमाण दें”

Blog Image
903

वाराणसी:
प्रयागराज माघ मेला छोड़े जाने के बाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को वाराणसी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री से उनके “हिंदू होने का प्रमाण” देने की मांग की।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनसे उनके शंकराचार्य पद और परंपरा का प्रमाण मांगा था, जिसे उन्होंने सहज भाव से प्रस्तुत कर दिया। उन्होंने कहा,
“सत्य को साक्ष्य से भय नहीं होता। हमने अपना प्रमाण दे दिया। अब समय प्रमाण मांगने का नहीं, बल्कि प्रमाण देने का है। सम्पूर्ण सनातनी समाज की ओर से मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदू होने का साक्ष्य मांगता हूं।”

उन्होंने कहा कि हिंदू होना केवल भाषणों या भगवा पहनने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी कसौटी “गो-सेवा और धर्म-रक्षा” है।


40 दिन का अल्टीमेटम, ‘धर्म सभा’ की चेतावनी

शंकराचार्य ने राज्य सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में गोमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा नहीं दिया गया और निर्यात के नाम पर हो रही गोवंश हत्या पर रोक लगाने के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी नहीं हुआ, तो गंभीर परिणाम होंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तय समयसीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आगामी 10–11 मार्च को लखनऊ में संत समाज की धर्म सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें मुख्यमंत्री को “नकली हिंदू” घोषित किया जाएगा।

उन्होंने कहा,
“जो सरकार गोवंश की रक्षा नहीं कर सकती, उसे हिंदू कहलाने का नैतिक अधिकार नहीं है।”


गोवंश संरक्षण और मांस निर्यात पर उठाए सवाल

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मांस निर्यात को लेकर भी राज्य सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत के कुल मांस निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 40 प्रतिशत से अधिक है।
उनका आरोप है कि भैंस के मांस (Buffalo Meat) के नाम पर गोवंश का वध कर निर्यात किया जा रहा है और बिना वैज्ञानिक डीएनए जांच के यह प्रक्रिया जारी है।

उन्होंने कहा कि जब तक हर वधशाला और निर्यात कंटेनर का वैज्ञानिक परीक्षण अनिवार्य नहीं किया जाता, तब तक इसे सरकार की “मौन स्वीकृति” माना जाएगा।


गोमाता को ‘राज्यमाता’ घोषित करने की मांग

शंकराचार्य ने मांग की कि उत्तर प्रदेश में भी गोमाता को ‘राज्यमाता’ का दर्जा दिया जाए, जिस प्रकार महाराष्ट्र सरकार ने देशी गायों को ‘राज्यमाता’ घोषित किया है और नेपाल में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा प्राप्त है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण की भूमि उत्तर प्रदेश को मांस निर्यात का केंद्र बनना शोभा नहीं देता और यह सनातन परंपरा के खिलाफ है।


संत समाज से समर्थन की अपील

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे केवल एक व्यक्ति या पद की लड़ाई नहीं, बल्कि “सनातन की आत्मा की रक्षा का प्रश्न” बताया। उन्होंने संत समाज और आम लोगों से इस आंदोलन में साथ आने की अपील की।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गो-रक्षा की आवाज उठाने वालों के साथ अत्याचार किया जा रहा है और उनकी छवि को धूमिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।


इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति और धार्मिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और अगले 40 दिनों में होने वाले घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post