आज भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और गिरावट देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।
बाजार का हाल
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सेंसेक्स करीब 600–650 अंक तक गिरा।
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निफ्टी 50 भी गिरकर लगभग 23,500 के आसपास ट्रेड करता दिखाई दिया।
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कई सेक्टरों में बिकवाली देखी गई, खासकर ऑटो, बैंकिंग और FMCG शेयरों में।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अचानक नहीं बल्कि कई वैश्विक और घरेलू कारणों से हुई है।
गिरावट के बड़े कारण
मिडिल ईस्ट में युद्ध का असर
ईरान-इजरायल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से दुनिया भर के शेयर बाजार प्रभावित हो रहे हैं। निवेशक जोखिम से बचने के लिए पैसे निकाल रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर के पार
ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई है। भारत तेल का बड़ा आयातक है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई और बाजार दोनों पर दबाव पड़ता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली (FII Selling)
विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया है।
ग्लोबल मार्केट का नकारात्मक संकेत
अमेरिका और एशिया के बाजार भी कमजोर रहे, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
कौन से शेयर गिरे और कौन से बढ़े
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
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Mahindra & Mahindra
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Maruti Suzuki
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Bajaj Finance
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UltraTech Cement
कुछ शेयरों में तेजी
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Coal India
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NTPC
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Adani Enterprises
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Jio Financial Services
निवेशकों को कितना नुकसान
रिपोर्ट्स के अनुसार हाल के दिनों में बाजार गिरने से निवेशकों की संपत्ति में लाखों करोड़ रुपये की गिरावट आई है और कई दिनों से बाजार लगातार दबाव में है।
आगे बाजार कैसा रह सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बाजार वोलाटाइल (उतार-चढ़ाव वाला) रह सकता है।
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तेल की कीमत
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युद्ध की स्थिति
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विदेशी निवेशकों की गतिविधि
इन तीन चीजों पर बाजार की दिशा निर्भर करेगी।