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राज्य / बिहार

बिहार में गरीब बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन की तारीख बढ़ी, अब 20 मार्च तक मिलेगा मौका

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बिहार में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में दाखिले की तारीख बढ़ा दी गई है। पहले Right to Education Act (आरटीई) के तहत नामांकन की अंतिम तिथि 10 मार्च तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 20 मार्च कर दिया गया है।

इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और डीपीओ को पत्र भेजकर नई समय-सीमा की जानकारी दी है।

40 फीसदी बच्चों का नामांकन अभी बाकी

जानकारी के अनुसार इस बार आरटीई के तहत कुल 69,193 छात्रों ने आवेदन किया था। इनमें से 10 मार्च तक केवल 40,626 बच्चों का ही एडमिशन हो पाया है। अभी लगभग 40 प्रतिशत बच्चों का नामांकन बाकी है।

इसी वजह से सरकार ने अभिभावकों को अतिरिक्त समय देने के लिए एडमिशन की अंतिम तिथि 10 दिन बढ़ाकर 20 मार्च कर दी है। साथ ही शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई निजी स्कूल नामांकन लेने से मना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

फरवरी में हुआ था स्कूल आवंटन

सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया जनवरी में शुरू की गई थी। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तय की गई थी।

आवेदनों की जांच के बाद 23 फरवरी को बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे। इसके बाद छात्रों को 24 फरवरी से 10 मार्च तक आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेने का मौका दिया गया था। हालांकि बड़ी संख्या में बच्चों का नामांकन नहीं हो पाने के कारण अब प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी गई है।

ऑनलाइन पोर्टल से होती है पूरी प्रक्रिया

बिहार सरकार ने आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए Gyandeep Portal विकसित किया है। इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन से लेकर स्कूल आवंटन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है।

गरीब बच्चों को मिलता है मुफ्त शिक्षा का अवसर

आरटीई योजना के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन बच्चों को स्कूल फीस नहीं देनी पड़ती, क्योंकि इसका खर्च सरकार वहन करती है।

इस योजना का लाभ वही परिवार उठा सकते हैं जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए गरीब परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है।

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