बारामती/मुंबई:
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन से पूरे देश में शोक की लहर है। उनके पार्थिव शरीर को बुधवार शाम 5 बजे से बारामती स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में समर्थक और स्थानीय नागरिक पहुंचे।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बारामती पहुंचकर अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गुरुवार सुबह 11 बजे होगा अंतिम संस्कार
अजित पवार की अंतिम यात्रा गुरुवार सुबह 9 बजे निकाली जाएगी, जबकि उनका अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में किया जाएगा। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि उन्हें पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है।
पीएम मोदी ने शरद पवार से की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीपी (SCP) प्रमुख शरद पवार से फोन पर बात कर उनके भतीजे अजित पवार के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस दुखद घड़ी में पवार परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।
विमान हादसे में हुआ था निधन
बुधवार सुबह पुणे जिले के बारामती में लैंडिंग के दौरान हुए विमान हादसे में 66 वर्षीय अजित पवार समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। वह जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे। हादसा उस समय हुआ जब चार्टर्ड विमान लियरजेट-45 (VT-SSK) बारामती हवाई पट्टी पर उतर रहा था।
जांच होगी पारदर्शी और उच्चस्तरीय: नागरिक उड्डयन मंत्री
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की उच्च-स्तरीय और पारदर्शी जांच कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस त्रासदी के हर तकनीकी और प्रशासनिक पहलू की गहन समीक्षा करेगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
देशभर से उमड़ रहा शोक संदेशों का सैलाब
अजित पवार के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका असमय जाना महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी क्षति है।
बारामती में उनके अंतिम दर्शन के लिए लगातार लोगों का जनसैलाब उमड़ रहा है और पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।