मुंबई:
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार से जुड़ी विमान हादसे की खबर के बाद राज्य की राजनीति में शोक का माहौल है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मराठी में एक लंबा भावनात्मक संदेश साझा किया है।
राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा कि महाराष्ट्र की राजनीति ने एक बेहतरीन और असाधारण नेता खो दिया है। उन्होंने अजित पवार को अपना मित्र बताते हुए कहा कि वे दोनों लगभग एक ही समय राजनीति में आए थे, हालांकि उनकी नजदीकी बाद के वर्षों में बढ़ी।
“राजनीति में स्पष्ट बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है”
राज ठाकरे ने अपने संदेश में एक अहम टिप्पणी करते हुए लिखा,
“राजनीति में साफ और स्पष्ट बोलने की कीमत चुकानी पड़ती है। यह मैं अपने अनुभव से जानता हूं। पता नहीं अजित पवार ने इसके लिए कितनी बड़ी कीमत चुकाई होगी।”
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब प्रशासन को सत्ता से ऊपर उठकर काम करने की जरूरत है, महाराष्ट्र ने एक ऐसे नेता को खो दिया है जिसकी प्रशासन पर मजबूत पकड़ थी।
कम समय में शिखर तक पहुंचे अजित पवार
राज ठाकरे ने लिखा कि अजित पवार ने बहुत कम समय में राजनीति के शिखर तक पहुंचने का सफर तय किया। वे भले ही पवार साहेब की राजनीतिक परंपरा से आए हों, लेकिन उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और पूरे महाराष्ट्र में उसे स्थापित किया।
उन्होंने 1990 के दशक का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में महाराष्ट्र में तेजी से शहरीकरण हुआ, लेकिन राजनीति का स्वर ग्रामीण ही बना रहा, जबकि समस्याएं शहरी होती चली गईं।
राज ठाकरे के अनुसार, अजित पवार को इस बदलाव की गहरी समझ थी और वे इस तरह की राजनीति को संभालने में माहिर थे। पिंपरी-चिंचवड़ और बारामती इसके स्पष्ट उदाहरण हैं, जहां उनके विकास कार्यों को उनके राजनीतिक विरोधी भी स्वीकार करते हैं।
प्रशासन पर थी मजबूत पकड़
राज ठाकरे ने कहा कि अजित पवार की पहचान उनकी बेबाकी और स्पष्टवादिता थी।
उन्होंने लिखा,
“अगर कोई काम संभव नहीं होता था, तो वे सीधे मना कर देते थे और अगर संभव होता था, तो उसे पूरा करने में अपनी पूरी ताकत लगा देते थे। झूठे वादे करना या भीड़ जुटाकर राजनीति करना उनका तरीका नहीं था।”
उन्होंने अजित पवार को जातिवाद से मुक्त राजनीति करने वाला नेता बताया और कहा कि आज के दौर में ऐसे नेता बहुत कम रह गए हैं जो बिना जातिगत गणनाओं के काम करने का साहस रखते हों।
राजनीतिक विरोध, व्यक्तिगत नहीं
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र की राजनीतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत दुश्मनी में नहीं बदला जाता था। उन्होंने चिंता जताई कि यह उदार और गरिमापूर्ण परंपरा धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है।
अपने संदेश के अंत में राज ठाकरे ने लिखा,
“मेरे परिवार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की ओर से पवार परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं। अजित पवार को भावभीनी श्रद्धांजलि।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार का असमय जाना राज्य की प्रशासनिक क्षमता, विकास की राजनीति और सत्ता–विपक्ष के संतुलन के लिहाज से एक बड़ा शून्य छोड़ गया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में कठिन होगी।
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