लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सब कुछ विदेशों से आयात किया जाएगा, तो देश का किसान क्या उगाएगा, क्या बेचेगा और क्या कमाएगा?
अखिलेश यादव ने सिलसिलेवार सवाल उठाए—किसान अपना घर कैसे बनाए और चलाएगा, बच्चों की पढ़ाई कैसे कराएगा, बुजुर्गों का इलाज कैसे करवाएगा, बेटियों की शादी कैसे करेगा और अपने भविष्य के लिए बचत कैसे कर पाएगा? उन्होंने कहा कि बात सिर्फ आज के खाने की नहीं, बल्कि कल के लिए बचत की भी है।
सपा प्रमुख ने कहा कि किसानों को नुकसान पहुंचाकर देश में कोई भी सरकार लंबे समय तक नहीं चल सकती। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से यह स्पष्ट करने की मांग की कि विदेशी ताकतों के सामने देश के हितों से समझौता करने की मजबूरी क्या है। उनका आरोप है कि कभी भूमि अधिग्रहण जैसे कदमों से खेती-किसानी को हड़पने की कोशिश की जाती है, तो कभी काले कानूनों के जरिए किसानों को संकट में डाला जाता है।
अखिलेश यादव ने भाजपा की नीतियों को ‘बिचौलिया सोच’ करार देते हुए कहा कि उत्पादन और पैदावार बढ़ाने के बजाय कमीशनखोरी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि खेती-किसानी ही नहीं, किसानों के बीच बैठे बिचौलियों का भी पर्दाफाश होना चाहिए। सपा प्रमुख ने कहा, “किसान कहता है—आज का नहीं चाहिए भाजपा। भाजपा जाएगी, तभी खेती-बाड़ी बचेगी।”
इससे पहले सोमवार को भी अखिलेश यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण पर निशाना साधा था। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार में डूबी सरकार की झूठी तारीफों का महोत्सव बताया। उनका कहना था कि सरकारी कागजों पर हरियाली दिखाने से जनता भ्रमित नहीं होने वाली। भाजपा शासन में प्रदेश की प्रगति थमी है—किसान बदहाल हैं, युवा बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, उद्योग बंद हो रहे हैं और निवेश के नाम पर केवल आयोजन किए जा रहे हैं।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि समाजवादी सरकार के समय जिन परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ा था, मौजूदा सरकार उनके आगे एक कदम भी नहीं बढ़ा सकी। उनके मुताबिक, जनता का भरोसा टूटा है और प्रदेश की समग्र प्रगति को नुकसान पहुंचा है।