बिहार विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान उस समय हंगामा मच गया जब नेता प्रतिपक्ष Tejashwi Yadav ने अपने संबोधन में सरकार और बीजेपी पर तीखे हमले किए। सत्र में मुख्यमंत्री Samrat Choudhary द्वारा विश्वास मत का प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर चर्चा के दौरान यह स्थिति बनी।
तेजस्वी यादव ने अपने भाषण में कहा कि “2025 से 30” और “फिर से नीतीश” जैसे नारों के जरिए बीजेपी ने Nitish Kumar की राजनीतिक स्थिति को कमजोर किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में बार-बार सरकार बदलने से स्थिरता प्रभावित हुई है।
अपने संबोधन में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी टिप्पणी करते हुए उनकी डिग्री और जन्मतिथि को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को विकास के लिए स्थिर सरकार की आवश्यकता है और उनकी पार्टी राज्य के विकास कार्यों में सहयोग देने के लिए तैयार है।
तेजस्वी यादव के बयानों के दौरान सदन में सत्तापक्ष के विधायकों ने कड़ा विरोध जताया, जिससे शोर-शराबा बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष Prem Kumar को हस्तक्षेप करना पड़ा।
स्पीकर ने तेजस्वी यादव को निर्धारित 9 मिनट का समय दिया था, जिसे उन्होंने पूरा किया। इस दौरान कई बार सदन में व्यवधान उत्पन्न हुआ, लेकिन अंततः अध्यक्ष के हस्तक्षेप से कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ सकी।