बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर विधानसभा के सेंट्रल हॉल में प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संयुक्त सदन की कार्यवाही भी शुरू हुई। समारोह का उद्घाटन ओम बिड़ला, बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने “सशक्त विधायक–सशक्त लोकतंत्र” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि जनता बड़ी अपेक्षाओं के साथ अपने प्रतिनिधियों को सदन में भेजती है और विधायकों की जिम्मेदारी है कि वे जनता के सवालों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाएं। इसके लिए विधायकों का सशक्त होना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सभी अतिथियों का अंग वस्त्र, स्मारिका और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ने डिजिटल बिहार विधानसभा का भी उद्घाटन किया। इसके साथ ही बिहार विधानसभा आज से ई-विधान एप से जुड़ गई है।
ओम बिड़ला ने अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से विधायक बेहतर संवाद स्थापित कर सकते हैं और शासन में पारदर्शिता को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने चिंता जताई कि देश में सदनों की मर्यादा में गिरावट आ रही है, जिसे रोकने के लिए विधायकों का जिम्मेदार और सशक्त होना जरूरी है।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि वर्ष 2026 के अंत तक देश की सभी राज्य विधानसभाओं के डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा। इससे विधायकों की जानकारी और कार्यक्षमता में वृद्धि होगी और लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।