मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (इटारसी) में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। पुराने भोपाल–बैतूल नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पथरौटा नहर में जा गिरी। कार इतनी गहराई में समा गई कि उसमें सवार तीन युवकों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला और तीनों की डूबने से मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। टाउन इंस्पेक्टर संजीव सिंह के अनुसार, पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि एक कार पुल से सीधे नहर में गिर गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।
पानी के अंदर जलती हेडलाइट्स बनीं सुराग
रेस्क्यू के दौरान नहर के भीतर का दृश्य बेहद डरावना था। कार पूरी तरह पानी में डूबी हुई थी, लेकिन उसकी हेडलाइट्स अभी भी जल रही थीं। पानी के अंदर से आ रही इसी रोशनी के सहारे SDRF की टीम ने कार की सटीक लोकेशन ट्रेस की।
डेढ़ घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
SDRF की प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार काफी गहराई में फंसी हुई थी, जिस कारण उसे बाहर निकालने में करीब एक से डेढ़ घंटे का समय लगा। आखिरकार ट्रैक्टर की मदद से कार को नहर से बाहर खींचा गया। दरवाजा खोलते ही कार के अंदर से तीन शव बरामद किए गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पहचान और हादसे की वजह की जांच
मृतकों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो सकी है। हालांकि, कार के अंदर से मिले एक आईडी कार्ड पर ‘लकी पटेल’ नाम लिखा मिला है। इसी आधार पर पुलिस परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है।
हादसे के पीछे दो प्रमुख आशंकाएं जताई जा रही हैं—कार का स्टीयरिंग फेल होना या शराब के नशे में वाहन चलाना। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वाहन की तकनीकी जांच के बाद ही हादसे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।