गोरखपुर में सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे चल रहे एक बड़े वसूली रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। इंस्टाग्राम पर सक्रिय और हजारों फॉलोअर्स वाली युवती अंशिका सिंह को पुलिस ने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर रंगदारी वसूलने और फायरिंग की घटना में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि अंशिका ने दारोगा समेत करीब 150 लोगों को निशाना बनाया।
रंगदारी न देने पर चली गोली
मामला कैंट इलाके का है, जहां मंगलवार देर शाम 50 हजार रुपये की रंगदारी न देने पर एक युवक पर गोली चला दी गई। अस्पताल मैनेजर की तहरीर पर केस दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, अंशिका इससे पहले भी मैनेजर से फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर 12 हजार रुपये वसूल चुकी थी। जन्मदिन के दिन दोबारा 50 हजार की मांग की गई। पूरे पैसे न मिलने पर विवाद बढ़ा और फायरिंग में एक युवक घायल हो गया। घायल को एम्स में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
फर्जी रेप केस की धमकी देकर वसूली
पीड़ित विशाल मिश्रा ने बताया कि अंशिका अपने साथियों के साथ अस्पताल आई थी और बातचीत के दौरान नंबर लेकर चली गई। कुछ दिन बाद पिस्टल दिखाकर फर्जी रेप केस में फंसाने की धमकी दी और पैसे वसूले। लोकलज्जा के डर से उस समय शिकायत नहीं की गई।
150 से ज्यादा शिकार, पुलिसकर्मी भी शामिल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अंशिका काले रंग की स्कॉर्पियो से घूमकर लोगों को निशाना बनाती थी। वह वीडियो कॉल के जरिए बातचीत रिकॉर्ड कर ब्लैकमेलिंग करती और पैसे ऐंठती थी। कथित तौर पर कई पुलिसकर्मी भी उसके जाल में फंसे हैं। इस मामले में अन्य पीड़ितों के सामने आने पर नए केस दर्ज किए जाएंगे।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे गिरोह
गोरखपुर में इससे पहले भी फर्जी रेप केस दर्ज कराकर वसूली करने वाले गिरोहों पर कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि अंशिका के नेटवर्क और सहयोगियों की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है।
सोशल मीडिया लाइफस्टाइल बनी अपराध की वजह
हरपुर बुदहट की रहने वाली अंशिका परिवार से अलग रह रही थी। इंस्टाग्राम पर उसके करीब 7.5 हजार फॉलोअर्स हैं और वह 700 से ज्यादा रील्स पोस्ट कर चुकी है। महंगे कपड़े, नए मोबाइल और घूमने-फिरने के शौक ने उसे अपराध की राह पर धकेल दिया—ऐसा पुलिस का कहना है।
पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।