Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

बिजनेस

IT Stocks Crash: आईटी शेयरों में भारी गिरावट, निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 साल के निचले स्तर के करीब

Blog Image
902

भारतीय शेयर बाजार में 17 मार्च को आईटी सेक्टर में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिरकर करीब तीन साल के निचले स्तर के पास पहुंच गया। दिन के दौरान यह इंडेक्स 2.33 प्रतिशत तक टूट गया और बाजार का सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया।

हालांकि, व्यापक बाजार अपेक्षाकृत स्थिर रहा। सेंसेक्स मामूली 93 अंकों की गिरावट के साथ करीब 75,410 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 32 अंक फिसलकर 23,377 पर रहा। बाजार का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना रहा, जहां 1,632 शेयरों में बढ़त और 1,363 में गिरावट दर्ज की गई।

लार्जकैप आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट

आईटी सेक्टर के लगभग सभी प्रमुख शेयरों में दबाव देखने को मिला। विप्रो 3 प्रतिशत से अधिक गिरकर निफ्टी का सबसे बड़ा लूजर बना। इंफोसिस में करीब 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज 2.1 प्रतिशत तक टूट गया। TCS के शेयर लगभग 1.8 प्रतिशत और टेक महिंद्रा 1.2 प्रतिशत से अधिक गिरकर कारोबार करते दिखे। निफ्टी के टॉप लूजर्स में आईटी कंपनियों का दबदबा रहा।

मिडकैप आईटी शेयर भी दबाव में

बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप आईटी शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। कोफोर्ज का शेयर 5 प्रतिशत से अधिक टूटकर बीएसई मिडकैप इंडेक्स का सबसे बड़ा लूजर बन गया।

गिरावट के प्रमुख कारण

एनालिस्ट्स के अनुसार आईटी शेयरों में गिरावट सेक्टर-विशेष कारणों से आई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को आशंका है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती नहीं होगी, जिससे ग्लोबल आईटी खर्च पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में मांग को लेकर अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की चिंता भी आईटी सेक्टर पर दबाव डाल रही है।

FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी लार्जकैप शेयरों पर असर डाल रही है। उनका मानना है कि निकट अवधि में FII की बिकवाली जारी रह सकती है, जिससे मजबूत फंडामेंटल वाले सेक्टरों पर भी दबाव बना रहेगा।

कुल मिलाकर, आईटी सेक्टर फिलहाल वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के कारण दबाव में बना हुआ है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post