Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

राज्य / बिहार

अपर्णा यादव के घर पहुंचे मोहन यादव, दिवंगत प्रतीक यादव को दी श्रद्धांजलि

Blog Image
900

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा नेता Aparna Yadav के आवास पर पहुंचकर उनके दिवंगत पति Prateek Yadav को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इस दौरान भाजपा मध्य प्रदेश के प्रभारी एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतीक यादव बेहद सरल, संवेदनशील और नेक इंसान थे। उनका असमय निधन पूरे परिवार के लिए गहरा आघात है। उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में साहस बनाए रखने की बात कही।

किचन में बेहोश मिले थे प्रतीक यादव

समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav के बेटे प्रतीक यादव बुधवार सुबह लखनऊ स्थित विक्रमादित्य मार्ग आवास के किचन में बेहोश मिले थे। घरेलू कर्मचारी की सूचना पर उन्हें एंबुलेंस से सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फेफड़े की मुख्य नस में खून का थक्का फंसने के कारण शरीर में ऑक्सीजन का स्तर अचानक कम हो गया, जिससे उनकी मौत हुई। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए हार्ट और विसरा सुरक्षित रख लिया है। घटना के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और साक्ष्य एकत्र किए।

अंतिम दर्शन के दौरान भावुक हुआ परिवार

प्रतीक यादव की अंत्येष्टि के दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। अंतिम दर्शन के लिए जब उनकी बेटियों को बुलाया गया तो वह पिता को चिता पर देखकर फफक पड़ीं। वहां मौजूद परिजनों और महिलाओं ने उन्हें संभाला और ढांढस बंधाया। बाद में परिवार और करीबी लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। प्रतीक यादव के ससुर ने उन्हें मुखाग्नि दी।

बेजुबान पशुओं के लिए समर्पित था जीवन

प्रतीक यादव का जीवन बेजुबान जानवरों, विशेषकर गायों और आवारा पशुओं की सेवा के लिए समर्पित रहा। नगर निगम के अमौसी स्थित कान्हा उपवन गौशाला में उनके प्रयासों की छाप आज भी दिखाई देती है। अधिकारियों के मुताबिक वह नियमित रूप से गौशाला पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते थे और पशुओं की देखभाल को लेकर गंभीर रहते थे।

उनके प्रयासों से गौशाला में पहली बार गायों के लिए कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई थी, ताकि गर्मी में उन्हें राहत मिल सके। साथ ही हरे चारे की नियमित व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई गई थी। पशुओं के प्रति उनका लगाव और सेवा भावना लोगों के बीच हमेशा याद की जाएगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post