घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 1-1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹4 लाख करोड़ की गिरावट आ गई।
सुबह 10:15 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 913.86 अंक यानी 1.21% टूटकर 74,324.13 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 283.90 अंक यानी 1.20% की गिरावट के साथ 23,359.60 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 1057 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 23,317 के स्तर तक फिसल गया।
किन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट?
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी PSU बैंक और रियल्टी इंडेक्स में ढाई फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो और मेटल सेक्टर भी 2% से अधिक टूट गए। आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ संभालने की कोशिश की, लेकिन उसका इंडेक्स भी मामूली बढ़त तक सीमित रहा।
बाजार में गिरावट की 5 बड़ी वजहें
1. अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने अमेरिकी प्रस्तावों को नहीं माना तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दूसरी ओर ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने फारस की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की धमकी दी है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
भूराजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड फिर से 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों की चिंता बढ़ गई है।
3. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
दुनियाभर के शेयर बाजारों में दबाव बना हुआ है। अमेरिकी बाजारों में S&P 500 और Nasdaq 1% से अधिक गिरकर बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का DAX 2% से ज्यादा टूट गया, जबकि फ्रांस और ब्रिटेन के प्रमुख इंडेक्स में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली।
4. रुपये में रिकॉर्ड गिरावट
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 21 पैसे कमजोर होकर 96.17 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। रुपये की कमजोरी विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ा रही है।
5. India VIX में तेज उछाल
मार्केट की घबराहट को दर्शाने वाला इंडिया VIX इंडेक्स 5.52% उछलकर 19.83 पर पहुंच गया। इससे बाजार में अस्थिरता और निवेशकों की चिंता दोनों बढ़ गई हैं।
निवेशकों में बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव, महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये का असर आने वाले दिनों में भी बाजार पर बना रह सकता है। फिलहाल निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।