भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने और मीडिया में प्रभावी उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ‘टैलेंट हंट प्रोग्राम’ शुरू करने की घोषणा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पहल की जानकारी दी गई।
‘संगठन सृजन अभियान’ के बाद शुरू किए गए इस कार्यक्रम के तहत पार्टी नए प्रवक्ताओं, रिसर्च कोऑर्डिनेटर और प्रचार कोऑर्डिनेटर का चयन करेगी। चयनित प्रतिभाओं को जिला, मंडल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।
प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि इस प्रक्रिया के जरिए 20 राज्य प्रवक्ता, कई मीडिया पैनलिस्ट, मंडल और जिला स्तर पर दो-दो प्रवक्ता चुने जाएंगे। साथ ही दो राष्ट्रीय पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का भी चयन किया जाएगा।
जीतू पटवारी ने बताया कि उम्मीदवारों के चयन के लिए कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता, समकालीन मुद्दों पर गहन अध्ययन और शोध क्षमता, प्रभावी वक्तृत्व कौशल, मीडिया प्रबंधन की समझ, तथ्यों को प्रमाणिक ढंग से रखने की क्षमता, संगठनात्मक अनुशासन और जनहित के प्रति संवेदनशीलता को प्रमुख मानदंड बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे ऊर्जावान और वैचारिक रूप से मजबूत साथियों की जरूरत है, जो कांग्रेस की सोच को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचा सकें।
आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 28 फरवरी निर्धारित की गई है। प्राप्त आवेदनों के आधार पर संभागीय स्तर पर इंटरव्यू आयोजित होंगे। उम्मीदवारों का मूल्यांकन एआईसीसी द्वारा नामित समन्वयक, टैलेंट हंट कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ नेता और संबंधित जिला अध्यक्ष संयुक्त रूप से करेंगे, जबकि अंतिम निर्णय एआईसीसी लेगी।
पटवारी ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और योग्यता आधारित बताते हुए कहा कि कांग्रेस विचारों का आंदोलन है और यह पहल सिफारिश नहीं बल्कि प्रतिभा के आधार पर अवसर देने की दिशा में एक कदम है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर ने इसे राज्य की राजनीति में वैचारिक मजबूती और तथ्य आधारित विपक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पढ़ने-लिखने और शोध करने वाले युवाओं को जनता की आवाज बनने का मंच देगा।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पिछले वर्ष संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की थी। दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक कमल नाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने की सरकार को छोड़ दें तो पार्टी वर्ष 2003 से मध्य प्रदेश में सत्ता से बाहर है।