नोएडा शहर में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने तीन और सेक्टरों में ऑटोमेटेड पजल पार्किंग बनाने का फैसला लिया है। पहले से प्रस्तावित सेक्टर-63 की पजल पार्किंग के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में दो एजेंसियों ने भाग लिया है। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसियों के दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शहर में सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग के कारण लगातार जाम की समस्या बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने पिछले वर्ष कई स्थानों पर पजल पार्किंग बनाने का निर्णय लिया था।
सेक्टर-63 में पहली पजल पार्किंग
नोएडा की पहली पजल पार्किंग सेक्टर-63 में बनाई जाएगी। इसके लिए जारी किए गए टेंडर में दो एजेंसियां आगे आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि कागजातों की जांच पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को मंजूरी दी जाएगी।
इन सेक्टरों में मिलेगी पजल पार्किंग की सुविधा
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, सेक्टर-63 के अलावा शहर के तीन और स्थानों पर पजल पार्किंग बनाने की योजना है:
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सेक्टर-124
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सेक्टर-15 (अलका सिनेमा के पास)
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सेक्टर-62 की ओर
क्या है ऑटोमेटेड पजल पार्किंग?
ऑटोमेटेड पजल पार्किंग एक आधुनिक तकनीक पर आधारित प्रणाली है, जो पजल गेम की तरह काम करती है। इसमें जितने पार्किंग स्लॉट होते हैं, उतने ही प्लेटफॉर्म होते हैं, जो ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं मूव करते हैं। एक कार को पार्क करने में लगभग 3 से 6 मिनट का समय लगता है, जबकि पारंपरिक बहुमंजिला पार्किंग में यही प्रक्रिया 10 से 15 मिनट तक लेती है।
कम जगह में ज्यादा पार्किंग क्षमता
नोएडा में प्रस्तावित पजल पार्किंग 4 से 6 फ्लोर तक की होंगी। प्रत्येक फ्लोर पर लगभग 25 कारें पार्क की जा सकेंगी। इस तरह बहुत कम जगह में बड़ी संख्या में वाहनों की पार्किंग संभव हो सकेगी।
ये पार्किंग पूरी तरह सेंसर आधारित होंगी, जिससे चोरी, तोड़फोड़ और हादसों की आशंका कम होगी। साथ ही इनके संचालन के लिए ज्यादा स्टाफ की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।
सेंसर से बढ़ेगी सुरक्षा
ऑटोमेटेड सिस्टम में लगे सेंसर सुरक्षा को और मजबूत बनाते हैं। यदि कोई बच्चा या जानवर गलती से पार्किंग एरिया में प्रवेश कर जाए तो सिस्टम तुरंत रुक जाएगा और वाहन अपनी जगह पर स्थिर हो जाएगा। इससे किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना कम हो जाती है।
नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि इन पजल पार्किंग के निर्माण से शहर में पार्किंग की समस्या और ट्रैफिक जाम दोनों में बड़ी राहत मिलेगी।