देशभर में सोमवार सुबह करीब 6 बजे पेट्रोल और डीजल के ताजा रेट जारी कर दिए गए। हर दिन की तरह आज भी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति को ध्यान में रखते हुए नई दरें अपडेट कीं।
ईंधन की कीमतें आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालती हैं। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों से लेकर ट्रांसपोर्ट और छोटे व्यापारियों तक, पेट्रोल और डीजल के दाम में बदलाव का प्रभाव हर क्षेत्र में देखने को मिलता है। हालांकि आज कई शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन अलग-अलग राज्यों के टैक्स की वजह से शहरों में दरों में अंतर दिखाई देता है।
16 मार्च 2026 के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा दाम
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹94.72 | ₹87.62 |
| मुंबई | ₹104.21 | ₹92.15 |
| कोलकाता | ₹103.94 | ₹90.76 |
| चेन्नई | ₹100.75 | ₹92.34 |
| अहमदाबाद | ₹94.49 | ₹90.17 |
| बेंगलुरु | ₹102.92 | ₹89.02 |
| हैदराबाद | ₹107.46 | ₹95.70 |
| जयपुर | ₹104.72 | ₹90.21 |
| लखनऊ | ₹94.69 | ₹87.80 |
| पुणे | ₹104.04 | ₹90.57 |
| चंडीगढ़ | ₹94.30 | ₹82.45 |
| इंदौर | ₹106.48 | ₹91.88 |
| पटना | ₹105.58 | ₹93.80 |
| सूरत | ₹95.00 | ₹89.00 |
| नासिक | ₹95.50 | ₹89.50 |
पिछले दो साल से स्थिर क्यों हैं कीमतें?
मई 2022 के बाद केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में कटौती की थी। इसके बाद से ईंधन की कीमतों में अपेक्षाकृत स्थिरता देखने को मिली है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है, फिर भी भारत में उपभोक्ताओं के लिए ईंधन दरें लंबे समय से लगभग स्थिर बनी हुई हैं।
किन कारणों से तय होती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
1. कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत
पेट्रोल और डीजल कच्चे तेल से तैयार होते हैं। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका असर भारतीय बाजार में ईंधन की कीमतों पर पड़ता है।
2. डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में होता है। ऐसे में अगर रुपया कमजोर होता है तो ईंधन की लागत बढ़ जाती है।
3. सरकारी टैक्स और शुल्क
पेट्रोल-डीजल के खुदरा मूल्य का बड़ा हिस्सा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स से तय होता है। यही कारण है कि अलग-अलग राज्यों में कीमतें अलग होती हैं।
4. रिफाइनिंग की लागत
कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की प्रक्रिया को रिफाइनिंग कहा जाता है। इस प्रक्रिया में होने वाली लागत भी अंतिम कीमत को प्रभावित करती है।
5. मांग और आपूर्ति का संतुलन
यदि बाजार में ईंधन की मांग बढ़ जाती है तो कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। त्योहारों, पर्यटन सीजन और मौसम के बदलाव के दौरान ईंधन की खपत बढ़ जाती है।