लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय के द्वितीय चरण) का उद्घाटन किया। गोमती नदी के किनारे 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित इस वाटिका के उद्घाटन समारोह में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश की पहचान "वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया" जैसी छवि से जुड़ गई थी, लेकिन आज प्रदेश "वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट" (ODOP) योजना के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है, जिसके कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका में प्रदर्शित सभी युद्धपोतों और सैन्य उपकरणों के मॉडल वास्तविक हैं। यह केवल एक पार्क नहीं, बल्कि देशभक्ति और सैन्य गौरव का प्रतीक है। उन्होंने रिकॉर्ड समय में इस परियोजना को पूरा कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी का आभार भी व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि लखनऊ और गोमती नदी का भारतीय नौसेना से विशेष संबंध है। नौसेना में "आईएनएस गोमती" नाम का युद्धपोत भी शामिल रहा है, जो इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाता है।
सैनिकों के सम्मान का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षित वातावरण ही विकास और जनकल्याण योजनाओं की सफलता की आधारशिला होता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, जिससे निवेश और विकास की संभावनाएं प्रभावित होती थीं। आज उत्तर प्रदेश बेहतर सुरक्षा और निवेश-अनुकूल माहौल के लिए जाना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सैनिक अत्यंत कठिन परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा करते हैं। चाहे बर्फीले पहाड़ हों, तपता रेगिस्तान हो या समुद्र की चुनौतियां, भारतीय जवान हर परिस्थिति में राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। ऐसे में नागरिकों का भी कर्तव्य है कि वे सेना और सभी वर्दीधारी बलों के प्रति सम्मान का भाव रखें।
युवाओं को प्रेरित करेगी शौर्य वाटिका
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी। यहां आने वाले लोगों को भारतीय नौसेना के इतिहास, उसकी उपलब्धियों और सैनिकों के साहस के बारे में जानकारी मिलेगी। उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बड़ी सोच जरूरी होती है। भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य "नभः स्पृशं दीप्तम्" इसी विराट दृष्टिकोण का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह शौर्य वाटिका युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करेगी और उन्हें चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देगी।