Shopping cart

Subtotal: $4398.00

View cart Checkout

Magazines cover a wide subjects, including not limited to fashion, lifestyle, health, politics, business, Entertainment, sports, science,

बिजनेस

डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर, शुरुआती कारोबार में 90.22 पर पहुंचा

Blog Image
901

नई दिल्ली: मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 90.22 पर आ गया। रुपये में यह गिरावट अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच दर्ज की गई।

इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 90.24 पर खुला और शुरुआती सौदों में हल्की रिकवरी के साथ 90.22 पर ट्रेड करता नजर आया, जो अपने पिछले बंद स्तर से 5 पैसे कमजोर है। इससे पहले सोमवार को रुपया 1 पैसा मजबूत होकर 90.17 पर बंद हुआ था।

डॉलर और कच्चे तेल का असर

एनालिस्ट्स के मुताबिक, बढ़ती जियोपॉलिटिकल टेंशन और ग्लोबल ट्रेड अनिश्चितताओं के कारण दुनिया भर में डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे अमेरिकी मुद्रा मजबूत हुई और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की करेंसी पर दबाव बना है।

डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाता है, 0.11 फीसदी बढ़कर 98.73 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.28 फीसदी की तेजी के साथ 64.05 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में 3,638.40 करोड़ रुपये की इक्विटी की बिक्री की, जिससे रुपये पर दबाव और बढ़ गया।

शेयर बाजार में तेजी

इसके बावजूद घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखी गई। सेंसेक्स 125.96 अंक या 0.15 फीसदी की बढ़त के साथ 84,004.13 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 47.25 अंक या 0.18 फीसदी बढ़कर 25,837.50 पर कारोबार कर रहा था। एनालिस्ट्स ने इस तेजी का कारण मजबूत घरेलू मैक्रोइकोनॉमिक संकेतों को बताया।

महंगाई और टैक्स कलेक्शन से मिले संकेत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में भारत की रिटेल महंगाई तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.33 फीसदी पर पहुंच गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतें रहीं। हालांकि, यह अभी भी आरबीआई के निचले टॉलरेंस लेवल से नीचे है।

इसके अलावा, इनकम टैक्स विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष में 11 जनवरी तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 8.82 फीसदी बढ़कर 18.38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कम रिफंड और कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन में सुधार के कारण हुई है।
नेट कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 12.4 फीसदी बढ़कर 8.63 लाख करोड़ रुपये और नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शन 6.39 फीसदी बढ़कर करीब 9.30 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post