मुंबई। जून सीरीज की पहली साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी ने रिकवरी करते हुए हरे निशान में वापसी की, लेकिन यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और दोनों प्रमुख सूचकांक फिर लाल निशान में कारोबार करने लगे। व्यापक बाजार (Broad Market) में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
दोपहर 11:43 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 156.23 अंक यानी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 74,111.11 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 71.05 अंक यानी 0.30 फीसदी फिसलकर 23,311.55 पर पहुंच गया।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 452 अंक से अधिक टूटकर 73,815 के स्तर तक पहुंच गया था। इसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी आई और यह 74,290 तक चढ़ा, लेकिन बाद में फिर बिकवाली हावी हो गई। निफ्टी में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव
बाजार में कमजोरी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दिखाई दिया। शुरुआती खरीदारी के बावजूद बिकवाली का दबाव बढ़ने से निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों सूचकांक आधा फीसदी से अधिक टूट गए।
बाजार में गिरावट की 3 प्रमुख वजहें
1. इंडिया VIX में तेजी से बढ़ी निवेशकों की चिंता
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX एक बार फिर 16 के ऊपर पहुंच गया। फिलहाल यह 16.18 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इंडिया VIX में बढ़ोतरी निवेशकों की बढ़ती चिंता और बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव का संकेत मानी जाती है। इसी वजह से निवेशकों का रुझान सतर्क बना हुआ है।
2. फार्मा सेक्टर में बिकवाली का दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की और आईटी इंडेक्स में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। हालांकि निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट ने बाजार पर दबाव बनाया।
इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में भी कमजोरी देखने को मिली। इन सेक्टरों के प्रमुख इंडेक्स आधा फीसदी से अधिक टूटे।
3. निफ्टी की पहली वीकली एक्सपायरी
जून सीरीज की पहली साप्ताहिक एक्सपायरी होने के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक्सपायरी डे पर ट्रेडर्स और निवेशकों की सक्रियता बढ़ने से बाजार में वोलैटिलिटी सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है। यही वजह है कि दिनभर बाजार में तेजी और गिरावट का दौर जारी रहा।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती वोलैटिलिटी और सेक्टर आधारित दबाव के चलते बाजार में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।