भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 27 मार्च को जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा। कारोबार के अंत में BSE Sensex 1,690.23 अंक यानी 2.25% गिरकर 73,583.22 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 486.85 अंक या 2.09% टूटकर 22,819.60 के स्तर पर आ गया।
₹8.89 लाख करोड़ की संपत्ति घटी
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 422.12 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में 431.01 लाख करोड़ रुपये था। यानी एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹8.89 लाख करोड़ घट गई।
गिरावट की प्रमुख वजहें
बाजार में कमजोरी के पीछे कई बड़े कारण रहे। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने निवेशकों का मनोबल गिराया। इसके अलावा अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अनिश्चितता को बढ़ाया, जबकि रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बनाया।
मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
इस गिरावट का असर व्यापक रहा। केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 2.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.7% तक गिर गए।
सभी सेक्टर लाल निशान में
सेक्टोरल स्तर पर बाजार में चौतरफा कमजोरी रही। खासकर PSU बैंक और रियल्टी सेक्टर में 3% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर भी लगभग 2% तक टूटे।
हफ्तेभर भी बनी रही कमजोरी
साप्ताहिक आधार पर भी बाजार दबाव में रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इस हफ्ते करीब 1.2% की गिरावट के साथ बंद हुए, जो यह संकेत देता है कि बाजार में अभी स्थिरता नहीं आई है और निवेशक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स के 30 में से 27 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। Reliance Industries में सबसे ज्यादा 4.55% की गिरावट रही। इसके अलावा IndiGo, Bajaj Finance, State Bank of India और Eternal के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
ये शेयर रहे फायदे में
हालांकि गिरावट के बीच कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। Tata Consultancy Services 0.49% की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा। वहीं Bharti Airtel और Power Grid Corporation of India के शेयरों में भी हल्की तेजी रही।