उज्जैन की पावन नगरी आज दोहरी खुशी से सराबोर रही। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु यादव और डॉ. इशिता की शादी की रस्में उज्जैन के सांवराखेड़ी में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न हुईं। इसी मंच पर 21 अन्य बेटियों का कन्यादान भी किया गया। कुल 22 जोड़े एक ही मंडप में परिणय-सूत्र में बंधे।
समारोह के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव ने वरमाला के समय विवाह मंत्र पढ़े। इसी दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मज़ाकिया अंदाज़ में कहा—
“महाराज, आपका भी विवाह सामूहिक सम्मेलन में ही कराएंगे।”
राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और संतों की उपस्थिति
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मंत्री तुलसी सिलावट, अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रवींद्र पुरी, और कई संत-महंत शामिल हुए। मंच पर सभी गणमान्य अतिथियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
अखाड़ा परिषद ने सभी जोड़ों को सवा लाख रुपए देने की घोषणा की, जबकि पतंजलि पीठ की ओर से बाबा रामदेव ने एक-एक लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया।
शाही बारात और मनमोहक दृश्य
सुबह से ही क्षिप्रा तट के पास विशाल पंडाल में रौनक दिखने लगी थी। ढोल-नगाड़ों, शहनाई और “महाकाल के दुल्हे आए हैं” के जयकारों से माहौल गूंज रहा था।
सभी 22 दूल्हे घोड़ी और बग्गी पर सवार होकर बारात लेकर पहुंचे।
सबसे आगे थे अभिमन्यु यादव, जो सफेद शेरवानी, लाल साफा और कमर में तलवार लगाए घोड़ी पर सवार थे। उनके साथ मुख्यमंत्री, परिवार और रिश्तेदार पैदल चल रहे थे। बाकी 21 दूल्हों ने भी पारंपरिक परिधानों में भव्य बारात निकाली।
विधि-विधान से संपन्न हुआ कन्यादान
मंच पर बैठे संतों ने हर जोड़े का तिलक कर स्वागत किया, आरती उतारी और लंबी आयु एवं सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा—
“आज महाकाल की नगरी से 22 लक्ष्मियां अपने घर जा रही हैं। यह अत्यंत पुण्य का अवसर है। इनके ससुराल में इनका आदर-सत्कार बना रहे, यही हमारी शुभकामना है।”
सीएम डॉ. मोहन यादव ने रस्मों के बाद व्यक्तिगत रूप से वर-वधू से मिलकर आशीर्वाद दिया और सभी अन्य जोड़ों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।