लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के चल रहे सत्र में आज किसानों को मुफ्त बिजली, खराब सड़कों के नवीनीकरण और ओवरलोड ट्रांसफर जैसे मुद्दों पर जोरदार चर्चा हुई। इन विषयों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विधायकों ने प्रदेश की जर्जर सड़कों का मुद्दा उठाया और ग्रामीण संपर्क मार्गों की खराब स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा।
मुफ्त बिजली को लेकर आमने-सामने भाजपा और सपा
किसानों को मुफ्त बिजली देने के मुद्दे पर सपा नेताओं और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के बीच तीखी बहस हुई। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले किसानों को करीब 10 लाख बिजली कनेक्शन दिए गए थे, जबकि योगी सरकार के नौ वर्षों में आठ लाख से अधिक नए कनेक्शन जारी किए गए और किसानों को मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है।
इस पर कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने पलटवार करते हुए कहा कि यह योगी आदित्यनाथ की सरकार है, सपा की नहीं। उन्होंने दावा किया कि पहले जहां गांवों की सड़कों का नवीनीकरण आठ साल में होता था, वहीं अब यह काम पांच साल में पूरा किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने विधानसभा क्षेत्रवार विकास कार्यों के आंकड़े भी सदन के पटल पर रखे।
खराब सड़कों को लेकर विपक्ष का हमला
विधायकों ने प्रदेश की सड़कों की खराब स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कई जगह सड़कों में गड्ढे हो गए हैं और बरसात के बाद हालात और बदतर हो जाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार से इन सड़कों के जल्द नवीनीकरण की मांग की गई।
ओवरलोड ट्रांसफर और एसआईआर पर भी उठे सवाल
सदन में ओवरलोड ट्रांसफर के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और इस पर कई सवाल उठाए गए। साथ ही संभावना जताई जा रही है कि एसआईआर और फॉर्म-7 के जरिए वोट कटवाने के आरोपों को लेकर भी विपक्ष हंगामा कर सकता है।
विकास कार्यों पर सरकार का दावा
सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में सड़क निर्माण और मरम्मत का काम तेजी से कराया जा रहा है और जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य हो रहा है।
सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर हुई इस तीखी बहस से सदन का माहौल गर्म रहा और आने वाले दिनों में भी हंगामे के आसार बने हुए हैं।