वाराणसी। तुलसीघाट पर हाल ही में हुए नाव हादसे के बाद वाराणसी पुलिस और जल पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। गंगा में चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान बिना लाइफ जैकेट और वैध कागजात के पर्यटकों को सवारी करा रही एक नाव को सीज कर दिया गया, जबकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले दो अन्य नाविकों को कड़ी चेतावनी दी गई है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य भविष्य में संभावित हादसों को रोकना और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
24 घंटे पहले टला था बड़ा हादसा
सोमवार को तुलसीघाट के सामने दो नावों की टक्कर में बड़ा हादसा होते-होते बच गया था। इस घटना में पांच पर्यटकों की जान जोखिम में पड़ गई थी, हालांकि समय रहते सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। इसके बावजूद कई नाविकों की लापरवाही जारी रही।
मंगलवार को जल पुलिस प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने रविदास घाट से नमो घाट तक गश्त की। इस दौरान तुलसीघाट के पास एक नाव पर 12 पर्यटक सवार मिले, लेकिन किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहन रखी थी। पुलिस को देखकर नाविक ने तत्काल जैकेट पहनाने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
बिना कागजात के चल रही थी नाव
पूछताछ में नाव चालक की पहचान रवि साहनी के रूप में हुई, जिसके पास नाव से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। यह नाव भदैनी निवासी सुरेश माझी की बताई गई है। नियमों का उल्लंघन करने और पर्यटकों की जान जोखिम में डालने के आरोप में जल पुलिस ने नाव को तत्काल सीज कर दिया। इसके साथ ही दो अन्य नाविकों को सुरक्षा उपकरणों की कमी पर अंतिम चेतावनी दी गई।
लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी
एडीसीपी काशी जोन ने नाविकों के साथ बैठक कर स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले नाविकों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
नाव संचालन के लिए जारी नई गाइडलाइंस
पुलिस प्रशासन ने गंगा में नाव संचालन को लेकर अनिवार्य निर्देश जारी किए हैं:
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क्षमता से अधिक सवारी नहीं बैठाई जाएगी।
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नाव पर लाइफ जैकेट, ट्यूब और रस्सा रखना अनिवार्य होगा।
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बिना लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को नाव में यात्रा नहीं कराई जाएगी।
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किराया पहले तय किया जाएगा, बाद में विवाद नहीं होगा।
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नाव में बीड़ी, सिगरेट या जलती माचिस फेंकने पर रोक रहेगी।
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गहरे पानी और तेज धार में नाव नहीं ले जाई जाएगी।
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हर नाव पर दो कुशल नाविक मौजूद रहेंगे।
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नाव चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराते हुए गंगा में नाव संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा, ताकि पर्यटकों का रोमांचक सफर किसी हादसे में न बदले।