देहरादून: उत्तराखंड में मॉनसून की जोरदार शुरुआत के साथ ही चारधाम यात्रा मार्ग पर हालात गंभीर हो गए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते रुद्रप्रयाग जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जबकि बदरीनाथ नेशनल हाईवे मलबा और सड़क धंसने के कारण बंद हो गया है। प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग में बुधवार से लगातार बारिश जारी है। जिले से होकर बहने वाली अलकनंदा और भागीरथी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और दोनों नदियां चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गई हैं। जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार ने बताया कि वर्तमान में जलस्तर समुद्र तल से 622 मीटर पर है, जबकि चेतावनी स्तर 626 मीटर और खतरे का स्तर 627 मीटर निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि जलस्तर चेतावनी स्तर तक पहुंचता है, तो WhatsApp ग्रुप के माध्यम से तत्काल अलर्ट जारी किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक घोषणाओं और जमीनी टीमों के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना दी जाएगी।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से अनावश्यक रूप से नदी के पास या अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में न जाने की अपील की है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष लगातार नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है।
इस बीच, भारी बारिश के कारण चमोली जिले के गुलाबकोटी क्षेत्र में बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर भारी मलबा और बोल्डर आने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। बुधवार देर रात करीब दो बजे पगनो गांव की ओर से आए तेज बरसाती नाले के कारण लगभग 50 मीटर तक सड़क मलबे से भर गई। संबंधित विभागों की टीमें सड़क को खोलने के काम में जुटी हैं, हालांकि रुक-रुक कर हो रही बारिश राहत कार्य में बाधा बन रही है।
उधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 जुलाई तक रुद्रप्रयाग समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हरिद्वार, उत्तरकाशी और चमोली जिलों में येलो अलर्ट लागू है।
लगातार खराब हो रहे मौसम को देखते हुए प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से मौसम और सड़क की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी है।