मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रीमियम रेजिडेंशियल सोसाइटी की लिफ्ट के डक्ट में फंसकर 77 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि करीब 10 दिनों तक किसी को इस घटना की भनक तक नहीं लगी, जबकि इस दौरान लिफ्ट का संचालन लगातार होता रहा।
यह सनसनीखेज मामला होशंगाबाद रोड स्थित चिनार ड्रीम सिटी का है। मृतक की पहचान प्रीतम गिरी गोस्वामी के रूप में हुई है, जो अपने बेटे के साथ फ्लैट नंबर D-304 में रहते थे।
7 जनवरी को निकले, फिर नहीं लौटे
परिजनों के अनुसार, 7 जनवरी को प्रीतम गिरी गोस्वामी धूप में बैठने के लिए अपने फ्लैट से बाहर निकले थे, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो मिसरोद थाना में गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस और परिजन एक हफ्ते से अधिक समय तक उन्हें सोसाइटी के बाहर और आसपास के इलाकों में खोजते रहे।
दुर्गंध से खुला राज
करीब 10 दिन बाद सोसाइटी के निवासियों को लिफ्ट से तेज दुर्गंध आने लगी। इसके बाद लिफ्ट टेक्नीशियन को बुलाया गया। जांच के दौरान बुजुर्ग का शव लिफ्ट डक्ट के अंदर मिला। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बुजुर्ग तीसरी मंजिल से लिफ्ट डक्ट में गिर गए थे। आशंका है कि इस दौरान लिफ्ट के ऊपर-नीचे होने से शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त होता रहा।
मेंटेनेंस और सुरक्षा पर सवाल
परिवार और सोसाइटी के निवासियों ने लिफ्ट की मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि लिफ्ट के दरवाजे तो खुल जाते थे, लेकिन कई बार लिफ्ट मौजूद नहीं होती थी। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते लिफ्ट की खराबी को ठीक किया गया होता और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया होता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। लिफ्ट प्रबंधन और मेंटेनेंस एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यह घटना एक बार फिर रिहायशी परिसरों में लिफ्ट सुरक्षा और नियमित निरीक्षण की गंभीर जरूरत को उजागर करती है।