बिहार विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शुक्रवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने सदन में अहम घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेज पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर बनाए जाएंगे।
राबड़ी देवी के बयान पर पलटवार
सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नीट छात्रा से जुड़े बयान की कड़ी आलोचना की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यदि राबड़ी देवी जनता के सामने किसी मंत्री या मंत्री के बेटे का नाम लें और वह दोषी पाया जाए, तो 24 घंटे के भीतर जेल भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह सख्त है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों के मुद्दे पर विपक्ष का प्रदर्शन
इधर बिहार विधानसभा के बाहर विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष ने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाते हुए धान अधिप्राप्ति में तेजी लाने, लक्ष्य बढ़ाने और बोनस देने की मांग की। बिहार विधानपरिषद में भी धान खरीद को लेकर विपक्षी सदस्यों ने प्रदर्शन किया और कृषि रोडमैप के नाम पर घोटाले बंद करने की मांग उठाई।
बजट पर चर्चा और चुनावी आरोप
विधानसभा की दूसरी पाली में वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर सामान्य विमर्श शुरू हुआ। भाजपा विधायक रजनीश कुमार ने बजट के समर्थन में अपनी बात रखी। वहीं, निष्पक्ष चुनाव को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के आरोपों पर मंत्री विजय चौधरी ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछले वर्ष 40 हजार नहीं बल्कि 3 लाख करोड़ रुपये जनहित और विकास कार्यों पर खर्च किए गए।
कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा पर सवाल
विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने सदन में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की खामियों की ओर ध्यान दिलाया। इस पर सम्राट चौधरी ने कहा कि विधायकों और पूर्व विधायकों के आश्रितों को जल्द ही कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, सरकारी पदाधिकारियों द्वारा गलत जवाब दिए जाने के आरोपों की जांच कराने का भरोसा प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने दिया।
कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा का यह सत्र घोषणाओं, आरोप-प्रत्यारोप और किसान व स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा के कारण काफी गर्म रहा।