शिमला, 2 सितंबर: हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह भूस्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, बुधवार सुबह तक प्रदेश में 150 सड़कें अवरुद्ध, 374 बिजली ट्रांसफार्मर बंद और 40 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं।
बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी जिला है, जहां 78 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा शिमला में 30, कुल्लू में 12, चंबा में 8, कांगड़ा में 7, सिरमौर में 6, ऊना और सोलन में 4-4 तथा लाहौल-स्पीति में एक सड़क बंद है।
नैना देवी में 186.6 मिमी बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान बिलासपुर के नैना देवी में सबसे ज्यादा 186.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर के मलरौन में 140 मिमी, सोलन के कसौली में 102 मिमी, बिलासपुर के घाघस में 99 मिमी और कांगड़ा के नगरोटा सूरियां में 98.2 मिमी बारिश हुई।
इसके अलावा बिलासपुर के ब्रह्माणी में 90.4 मिमी, मंडी के सलापड़ में 81.2 मिमी और बिलासपुर के काहू में 77.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सुंदरनगर, कांगड़ा और मुरारी देवी में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित
भारी बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है। शिमला जिले के रामपुर और चौपाल में 84, कुल्लू के आनी और निरमंड में 81, चंबा में 35, किन्नौर के निचार में 34 और सिरमौर के नाहन में 10 ट्रांसफार्मर बंद हैं।
पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। हमीरपुर की 23 और शिमला जिले की 17 पेयजल योजनाओं पर बारिश का असर पड़ा है।
आज तीन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 2 सितंबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, 3 सितंबर को कांगड़ा और सिरमौर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
4 से 8 सितंबर तक कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। विभाग के अनुसार 4 और 5 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 6 से 8 सितंबर के बीच भी कुछ स्थानों पर बारिश जारी रहने की संभावना है।
कालका-शिमला रेल सेवा 13 सितंबर तक बंद
बारिश और भूस्खलन का असर कालका-शिमला हेरिटेज रेल लाइन पर भी पड़ा है। सोलन जिले में एक पुल के नीचे मिट्टी धंसने के बाद इस रेल मार्ग पर पिछले तीन दिनों से ट्रेन सेवा बंद है। रेलवे ने इस रूट पर 13 सितंबर तक ट्रेनों का संचालन रोक दिया है। बुधवार को भी इस मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही नहीं हुई।
रूण नदी में फंसे बुजुर्ग का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
सिरमौर जिले के नाहन विकासखंड की बर्मा पापड़ी पंचायत में मंगलवार को रूण नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के बीच एक बुजुर्ग कई घंटों तक फंसे रहे। जमीन के रास्ते उन तक पहुंचना मुश्किल होने के बाद हेलिकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
काफी मशक्कत के बाद बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान बनवारी दास के रूप में बताई गई है।
रेस्क्यू के दौरान बुजुर्ग को बचाने के लिए नदी में उतरा एक अन्य व्यक्ति भी तेज बहाव में फंस गया। उसे बचाने के लिए भी प्रशासन की रेस्क्यू टीम और हेलिकॉप्टर की मदद ली गई। मौके पर एसडीएम नाहन राजीव संख्यान समेत प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौजूद रहीं। तेज बहाव और कम रोशनी के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आईं।
रामपुर में अस्थायी पुल बहा
शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के 15/20 क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण हालात बिगड़ गए हैं। गानवी खड्ड पर बनाया गया अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे गानवी, कूट और क्याओ पंचायतों का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है।
जघोरी पंचायत में भी यातायात प्रभावित हुआ। कूट खड्ड में पानी बढ़ने के कारण सुरु गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल भी बह गया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
कुल्लू में भूस्खलन, NH-305 बंद
कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में भारी बारिश के बाद पालीगाड़-कोट के पास और फेडल नाला सड़क के नजदीक कई जगह भूस्खलन हुआ। इसके चलते नेशनल हाईवे-305 बंद हो गया। सड़क बहाली के लिए मशीनरी मौके पर भेजी गई है।
वहीं, सोलन के अर्की क्षेत्र में पत्थर गिरने की घटना के बाद एक सड़क पर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।
मानसून में अब तक 259 लोगों की मौत
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 468 लोग घायल हुए हैं। तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 153 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। वहीं, 106 लोगों की जान भूस्खलन, अचानक आई बाढ़, पानी में बहने, फिसलने, पहाड़ी से गिरने और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में गई है।
फिलहाल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तेज बहाव वाली सड़कों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।