नई दिल्ली।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को आईआरसीटीसी घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में चल रही ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए मामले पर अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय की है।
लालू प्रसाद यादव ने ट्रायल कोर्ट द्वारा उन पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय करने के आदेश को चुनौती दी थी। उन्होंने हाईकोर्ट से ट्रायल पर रोक लगाने की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया।
ट्रायल कोर्ट ने लगाए थे गंभीर आरोप
13 अक्टूबर को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी एवं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे। अदालत ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत भी आरोप तय करने का निर्देश दिया था।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के लिए दंड से जुड़ी है, जबकि धारा 13(1)(डी) पद के दुरुपयोग से लाभ कमाने के मामलों में लागू होती है।
क्या है आरोप
सीबीआई के अनुसार वर्ष 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहने के दौरान लालू यादव पर आरोप है कि आईआरसीटीसी के होटलों के टेंडर बिहार के पटना और ओडिशा के पुरी में कथित रूप से पसंदीदा कंपनियों को सौंपे गए। इसके बदले कथित तौर पर जमीन रिश्वत के रूप में ली गई। जांच के बाद सीबीआई ने लालू यादव सहित 11 अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद ट्रायल कोर्ट में मुकदमे की कार्यवाही जारी रहेगी।