वेस्ट बैंक में CNN की टीम के साथ कथित बदसलूकी और हिरासत के मामले में इजराइली सेना ने सख्त कदम उठाया है। सेना ने संबंधित बटालियन को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और उसकी ऑपरेशनल गतिविधियां भी रोक दी हैं। जांच पूरी होने तक इस यूनिट को किसी भी सैन्य ऑपरेशन में शामिल नहीं किया जाएगा।
यह बटालियन नेत्जाह येहूदा यूनिट (Netzah Yehuda) का हिस्सा है, जिसे फिलहाल वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग पर भेज दिया गया है। सेना का कहना है कि यूनिट को प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी, जबकि घटना में शामिल सैनिकों पर अलग से कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना पिछले हफ्ते वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तायासिर में हुई, जहां जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ रिपोर्टिंग कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अचानक मौके पर पहुंचे इजरायली सैनिकों ने पहले पत्रकारों से पूछताछ की, लेकिन जल्द ही स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आरोप है कि सैनिकों ने टीम को आगे बढ़ने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया। इसी दौरान एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ हाथापाई हुई—उनका गला पकड़कर धक्का दिया गया, जिससे वे जमीन पर गिर गए और उनका कैमरा भी क्षतिग्रस्त हो गया।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस घटना की Foreign Press Association (FPA) ने कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे प्रेस की आजादी पर सीधा हमला बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
FPA के अनुसार, सैनिकों ने पत्रकारों और स्थानीय लोगों पर हथियार ताने और पहचान बताने के बावजूद टीम को शूटिंग रोकने के लिए मजबूर किया। संगठन ने चेतावनी दी कि मीडिया के प्रति बढ़ती दुश्मनी बेहद चिंताजनक संकेत है।
क्या है नेत्जाह येहूदा यूनिट?
नेत्जाह येहूदा यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है, जिसे मुख्य रूप से हरेदी (अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स) समुदाय के लिए बनाया गया था। इस यूनिट में धार्मिक नियमों का पालन किया जाता है और यह ज्यादातर वेस्ट बैंक क्षेत्र में तैनात रहती है।
इजराइल में सैन्य सेवा अनिवार्य है—पुरुषों के लिए लगभग 3 साल और महिलाओं के लिए 2 साल। हालांकि, हरेदी समुदाय को लंबे समय तक छूट दी गई थी, जिसके बाद 1999 में इस विशेष यूनिट का गठन किया गया।
पहले भी विवादों में रही यूनिट
यह यूनिट पहले भी कई विवादों में घिर चुकी है।
- मार्च 2026 में ही एक अन्य CNN प्रोड्यूसर पर कथित हमला हुआ था, जिसमें उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया।
- 2022 में एक 79 वर्षीय फिलिस्तीनी-अमेरिकी की हिरासत के बाद मौत का मामला भी सामने आया था।
- कई मानवाधिकार रिपोर्ट्स में नागरिकों के साथ मारपीट और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोप लगे हैं।
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन घटनाओं के चलते इस यूनिट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच और संभावित प्रतिबंधों पर भी विचार किया गया था।
CNN पत्रकारों के साथ हुई इस घटना ने एक बार फिर वेस्ट बैंक में मीडिया की सुरक्षा और सेना के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इजराइली सेना का यह कदम फिलहाल एक सख्त संदेश जरूर देता है, लेकिन जांच के नतीजों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।